क्या है कर्तव्य पथ?
राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ, जिसे पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था, अब एक नए नाम और नए रूप में हमारे सामने है। यह मार्ग राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर इंडिया गेट तक जाता है, और यहाँ हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य परेड का आयोजन होता है। इस पथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है, जो कि हमारे देश के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को दर्शाता है।
इतिहास की एक झलक
राजपथ का इतिहास बहुत पुराना है। 1947 से पहले इसे किंग्स वे के नाम से जाना जाता था। यह मार्ग न केवल एक सड़क है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और इतिहास का प्रतीक भी है। यहाँ की हर एक ईंट, हर एक पेड़, और हर एक मूर्ति हमारे देश की शान और गौरव को दर्शाती है।
गणतंत्र दिवस का महत्व
26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, और तभी से यह दिन हर भारतीय के लिए खास बन गया। इस साल, 2026 में, हम अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। इस दिन कर्तव्य पथ पर सेना का पराक्रम और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होता है, जो हमें अपने देश पर गर्व महसूस कराता है।
कर्तव्य पथ का सौंदर्य
कर्तव्य पथ पर चलने का अनुभव अद्भुत है। दोनों तरफ हरे-भरे पेड़, खूबसूरत बाग-बगिचे और ऐतिहासिक इमारतें इसे और भी खास बनाते हैं। यहाँ पर हर साल बीटिंग ऑफ रिट्रीट समारोह भी आयोजित होता है, जो कि एक अद्भुत अनुभव होता है। इस समारोह में भारतीय सेना की धुनें गूंजती हैं, और हर कोई इसे देखने के लिए उत्सुक रहता है। 🎶
क्या है कर्तव्य पथ का भविष्य?
कर्तव्य पथ का भविष्य उज्ज्वल है। यह न केवल एक ऐतिहासिक स्थल है, बल्कि यह हमारे देश के विकास और एकता का प्रतीक भी है। यहाँ पर हर साल होने वाले समारोह और कार्यक्रम हमें एकजुट करते हैं और हमारे देशभक्ति की भावना को जागृत करते हैं।
निष्कर्ष
कर्तव्य पथ केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा है। यह हमें हमारी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाता है और हमें एकजुट करता है। तो अगली बार जब आप कर्तव्य पथ पर चलें, तो ध्यान रखें कि यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि हमारे देश का दिल है। ❤️

















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