जीवन, इस्लाम, हजरत मुहम्मद, पैगंबर
संस्कृति

हजरत मुहम्मद साहब का जीवन

हजरत मुहम्मद साहब का जन्म 570 ई. में मक्का में हुआ था। उनका नाम 'मुहम्मद' रखा गया, जिसका अर्थ है 'प्रशंसा किया गया'। उनका जीवन अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों से भरा था, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने विश्वास और सिद्धांतों का पालन किया।

परिवार और प्रारंभिक जीवन

हजरत मुहम्मद साहब का परिवार महत्वपूर्ण था। जब वे 25 वर्ष के थे, तब उन्होंने खदीजा नाम की एक 40 वर्षीय विधवा से विवाह किया। खदीजा एक धनी महिला थीं और उनका समर्थन मुहम्मद साहब के जीवन में महत्वपूर्ण रहा। उनके चार बेटियाँ और तीन बेटे हुए।

  1. कासिम
  2. तैयब
  3. ताहिर
  4. जेनाब
  5. रुकैय्याह
  6. उम कुलथुम
  7. फातिमा

हालांकि, उनके जीवन में दुख भी आए। उनके तीन बेटे छोटे उम्र में ही गुजर गए, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ।

प्रकाशन और इस्लाम का प्रचार

610 ई. में, हजरत मुहम्मद साहब को अल्लाह से पहला इल्हाम प्राप्त हुआ। इसके बाद, उन्होंने इस्लाम का प्रचार करना शुरू किया। उन्होंने लोगों को एकेश्वरवाद का संदेश दिया, जिसमें कहा गया कि "ईश्वर एक है"। इस्लाम के सिद्धांतों में अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण की बात की गई है।

पत्नियाँ और विवाह

हजरत मुहम्मद साहब ने कुल 11 महिलाओं से विवाह किया। इनमें से अधिकांश विधवा थीं, और केवल आयशा ही एक युवा महिला थीं। उनके विवाहों का उद्देश्य सामाजिक और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करना था।

इस्लाम का विकास

हजरत मुहम्मद साहब ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में इस्लाम को एक मजबूत धर्म के रूप में स्थापित किया। उन्होंने अपने अनुयायियों को एकजुट किया और इस्लाम के सिद्धांतों को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मौत और विरासत

हजरत मुहम्मद साहब का निधन 632 ई. में हुआ। उनकी शिक्षाएँ और उनके जीवन के सिद्धांत आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस्लाम धर्म की नींव रखने के साथ-साथ, उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की जिसमें न्याय, समानता और भाईचारा हो।

निष्कर्ष

हजरत मुहम्मद साहब का जीवन हमें सिखाता है कि कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहना चाहिए। उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है और हमें एक बेहतर समाज की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करता है।


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4 Comments
dev.the.dev 2w
Bas, sabhi kahaniyan aisi hi hoti hain yaar.
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rohit_sharma11 2w
Yeh toh sahi hai, lekin do not ignore the flaws.
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dev.the.dev 2w
flaws toh sab mein hote hain, yaar. Chill maar!
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